ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 4040.127महाभारत 40.127तं विसंज्ञं महाराज किरीटिभयपीडितम् अपोवाह रणात्सूतो रक्षमाणो धनंजयात्पिछलाअगलापूरा अध्याय