Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 39.5

बाणजालं दिविष्ठं तत्स्वर्णजालविभूषितम्
शुशुभे भरतश्रेष्ठ वितानमिव विष्ठितम्

पूरा अध्याय