ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 3636.5महाभारत 36.5नागा नागान्समासाद्य व्यधमन्त परस्परम् हया हयांश्च समरे रथिनो रथिनस्तथा पत्तयः पत्तिसंघैश्च हयसंघैर्हयास्तथापिछलाअगलापूरा अध्याय