महाभारत 34.30
स संनिपातस्तुमुलो भीमरूपो विशां पते
आसीद्रौद्रो महाराज कर्णपाण्डवयोर्मृधे
ततो मुहूर्ताद्राजेन्द्र पाण्डवः कर्णमाद्रवत्
स संनिपातस्तुमुलो भीमरूपो विशां पते
आसीद्रौद्रो महाराज कर्णपाण्डवयोर्मृधे
ततो मुहूर्ताद्राजेन्द्र पाण्डवः कर्णमाद्रवत्