ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 3333.61महाभारत 33.61तथा वर्तति संग्रामे गजवाजिजनक्षये नराश्वगजदेहेभ्यः प्रसृता लोहितापगा नराश्वगजदेहान्सा व्युवाह पतितान्बहून्पिछलाअगलापूरा अध्याय