ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 2727.68महाभारत 27.68पापदेशज दुर्बुद्धे क्षुद्र क्षत्रियपांसन सुहृद्भूत्वा रिपुः किं मां कृष्णाभ्यां भीषयन्नसिपिछलाअगलापूरा अध्याय