Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 27.104

श्रोतारस्त्विदमद्येह द्रष्टारो वा कुदेशज
कर्णं वा जघ्नतुः कृष्णौ कर्णो वापि जघान तौ

पूरा अध्याय