ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 2424.94महाभारत 24.94स शोभमानो वरदः खड्गी बाणी शरासनी हसन्निवाब्रवीद्देवो सारथिः को भविष्यतिपिछलाअगलापूरा अध्याय