ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 2424.51महाभारत 24.51नमोऽस्तु ते ससैन्याय त्र्यम्बकायोग्रतेजसे मनोवाक्कर्मभिर्देव त्वां प्रपन्नान्भजस्व नःपिछलाअगलापूरा अध्याय