Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 11.31

रुद्रौ द्वाविव संभूतौ यथा द्वाविव भास्करौ
यमौ वा पुरुषव्याघ्रौ घोररूपाविमौ रणे

पूरा अध्याय