Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 91.1

संजय उवाच
शृणुष्वैकमना राजन्यन्मां त्वं परिपृच्छसि
द्राव्यमाणे बले तस्मिन्हार्दिक्येन महात्मना

पूरा अध्याय