ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 9090.35महाभारत 90.35धनुरन्यत्समादाय शिखण्डी तु महायशाः अवारयत्कूर्मनखैराशुगैर्हृदिकात्मजम्पिछलाअगलापूरा अध्याय