Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 9.19

कच्चिद्गाण्डीवशब्देन न प्रणश्यत वै बलम्
यद्वः स भैरवं कुर्वन्नर्जुनो भृशमभ्यगात्

पूरा अध्याय