ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 7878.44महाभारत 78.44स शब्दो भरतश्रेष्ठ व्याप्य सर्वा दिशो दश प्रतिसस्वान तत्रैव कुरुपाण्डवयोर्बलेपिछलाअगलापूरा अध्याय