ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 66.23महाभारत 6.23ततः प्रयाते सहसा भारद्वाजे महारथे अन्तर्नादेन घोरेण वसुधा समकम्पतपिछलाअगलापूरा अध्याय