Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 59.1

युधिष्ठिर उवाच
सुखेन रजनी व्युष्टा कच्चित्ते मधुसूदन
कच्चिज्ज्ञानानि सर्वाणि प्रसन्नानि तवाच्युत

पूरा अध्याय