ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 33.13महाभारत 3.13अद्य प्रभृति संक्रुद्धा व्याघ्रा इव मृगक्षयम् पाण्डवा भरतश्रेष्ठ करिष्यन्ति कुरुक्षयम्पिछलाअगलापूरा अध्याय