Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 29.38

तुरगं रथिनं नागं पदातिमपि मारिष
विनिर्भिद्य क्षितिं जग्मुर्वल्मीकमिव पन्नगाः

पूरा अध्याय