ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 172172.32महाभारत 172.32अर्जुनस्तु महाराज ब्राह्ममस्त्रमुदैरयत् सर्वास्त्रप्रतिघाताय विहितं पद्मयोनिनापिछलाअगलापूरा अध्याय