Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 171.68

तान्प्रभग्नांस्तथा द्रौणिः पृष्ठतो विकिरञ्शरैः
अभ्यवर्तत वेगेन कालवत्पाण्डुवाहिनीम्

पूरा अध्याय