ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 170170.44महाभारत 170.44तत उत्स्रष्टुकामांस्तानस्त्राण्यालक्ष्य पाण्डवः भीमसेनोऽब्रवीद्राजन्निदं संहर्षयन्वचःपिछलाअगलापूरा अध्याय