Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 165.51

न हन्तव्यो न हन्तव्य इति ते सैनिकाश्च ह
उत्क्रोशन्नर्जुनश्चैव सानुक्रोशस्तमाद्रवत्

पूरा अध्याय