ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 165165.10महाभारत 165.10प्रयाते सत्यसंधे तु समकम्पत मेदिनी ववुर्वाताः सनिर्घातास्त्रासयन्तो वरूथिनीम्पिछलाअगलापूरा अध्याय