Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 152.6

चुक्रुशुर्नेदमस्तीति द्रोणद्रौणिकृपादयः
तत्कर्म दृष्ट्वा संभ्रान्ता हैडिम्बस्य रणाजिरे

पूरा अध्याय