ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 1515.2महाभारत 15.2शरा दश दिशो मुक्ता वृषसेनेन मारिष विचेरुस्ते विनिर्भिद्य नरवाजिरथद्विपान्पिछलाअगलापूरा अध्याय