ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 145145.55महाभारत 145.55सौभद्रवदिमौ वीरौ परिवार्य महारथौ प्रयतामो महाराज निहन्तुं वृष्णिपार्षतौपिछलाअगलापूरा अध्याय