ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 144144.23महाभारत 144.23तामापतन्तीं चिच्छेद शिखण्डी बहुभिः शरैः सापतन्मेदिनीं दीप्ता भासयन्ती महाप्रभापिछलाअगलापूरा अध्याय