ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 141141.4महाभारत 141.4तावन्योन्यं महाराज ततक्षाते शरैर्भृशम् क्रोधसंरक्तनयनौ क्रोधाद्विस्फार्य कार्मुकेपिछलाअगलापूरा अध्याय