ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 141141.20महाभारत 141.20स शरैराचितस्तेन राक्षसो रणमूर्धनि व्यकाशत महाराज श्वाविच्छललितो यथापिछलाअगलापूरा अध्याय