ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 140140.20महाभारत 140.20निशीथे तुरगा राजन्नाद्रवन्तः परस्परम् समदृश्यन्त वेगेन पक्षवन्त इवाद्रयःपिछलाअगलापूरा अध्याय