Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 137.9

तावन्योन्यं शरैः कृत्तौ व्यराजेतां नरर्षभौ
सुपुष्पौ पुष्पसमये पुष्पिताविव किंशुकौ

पूरा अध्याय