Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 133.59

विकर्णश्चित्रसेनश्च बाह्लीकोऽथ जयद्रथः
भूरिश्रवा जयश्चैव जलसंधः सुदक्षिणः

पूरा अध्याय