ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 131131.60महाभारत 131.60किमहं कातरो द्रौणे पृथग्जन इवाहवे भीमात्खल्वहमुत्पन्नः कुरूणां विपुले कुलेपिछलाअगलापूरा अध्याय