Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 131.58

कामं खलु न मे रोषो हैडिम्बे विद्यते त्वयि
किं तु रोषान्वितो जन्तुर्हन्यादात्मानमप्युत

पूरा अध्याय