Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 130.31

ततस्तु दुर्मदश्चैव दुष्कर्णश्च तवात्मजौ
रथमेकं समारुह्य भीमं बाणैरविध्यताम्

पूरा अध्याय