ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 122122.50महाभारत 122.50उपारमत तत्सैन्यं सरथाश्वनरद्विपम् तयोर्दृष्ट्वा महाराज कर्म संमूढचेतनम्पिछलाअगलापूरा अध्याय