ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 122122.26महाभारत 122.26नमस्तस्मै सुपूज्याय गौतमायापलायिने धिगस्तु मम वार्ष्णेय यो ह्यस्मै प्रहराम्यहम्पिछलाअगलापूरा अध्याय