ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 114114.8महाभारत 114.8ललाटस्थैस्तु तैर्बाणैः सूतपुत्रो व्यरोचत नीलोत्पलमयीं मालां धारयन्स पुरा यथापिछलाअगलापूरा अध्याय