ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 112112.27महाभारत 112.27तेषां विदार्य चेतांसि शरा हेमविभूषिताः व्यराजन्त महाराज सुपर्णा इव खेचराःपिछलाअगलापूरा अध्याय