ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 105105.22महाभारत 105.22ततो दुर्योधनः प्रायात्तूर्णमाचार्यशासनात् उद्यम्यात्मानमुग्राय कर्मणे सपदानुगःपिछलाअगलापूरा अध्याय