ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 104104.26महाभारत 104.26स छाद्यमानः सहसा कर्णेन दृढधन्विना धनुर्ज्यामच्छिनत्तूर्णमुत्स्मयन्पाण्डुनन्दनःपिछलाअगलापूरा अध्याय