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महाभारत 97.28

तस्मिन्विनिर्जिते तूर्णं कूटयोधिनि राक्षसे
आर्जुनिः समरे सैन्यं तावकं संममर्द ह
मदान्धो वन्यनागेन्द्रः सपद्मां पद्मिनीमिव

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