Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 91.8

राक्षसापसदं हन्तुं स्वयमेव पितामह
त्वां समाश्रित्य दुर्धर्षं तन्मे कर्तुं त्वमर्हसि

पूरा अध्याय