Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 89.40

स्वयंवर इवामर्दे प्रजह्रुरितरेतरम्
प्रार्थयाना यशो राजन्स्वर्गं वा युद्धशालिनः

पूरा अध्याय