ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 8686.68महाभारत 86.68छाद्यमानस्तु नागैः स ध्यात्वा राक्षसपुंगवः सौपर्णं रूपमास्थाय भक्षयामास पन्नगान्पिछलाअगलापूरा अध्याय