ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 8484.18महाभारत 84.18अपराजितो महाराज पराजिष्णुर्महारथः शरैर्बहुभिरानर्छद्भीमसेनं महाबलम्पिछलाअगलापूरा अध्याय