ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 7575.36महाभारत 75.36सा दुर्मुखस्य विपुलं वर्म भित्त्वा यशस्विनः विदार्य प्राविशद्भूमिं दीप्यमाना सुतेजनापिछलाअगलापूरा अध्याय