ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 6767.37महाभारत 67.37नागराजोपमैर्हस्तैर्नागैराक्षिप्य संयुगे व्यदृश्यन्त महाराज संभग्ना रथकूबराःपिछलाअगलापूरा अध्याय