Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 67.10

समुत्पतन्त वित्रस्ता रथेभ्यो रथिनस्तदा
सादिनश्चाश्वपृष्ठेभ्यो भूमौ चापि पदातयः

पूरा अध्याय