ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 6565.13महाभारत 65.13प्रविश्य तु रणे भीमो मकरं मुखतस्तदा भीष्ममासाद्य संग्रामे छादयामास सायकैःपिछलाअगलापूरा अध्याय